Wednesday, April 14, 2010

इस्वर अँधा है?

इस देश का कानून अँधा है जाने कितने ही निर्दोसो को कानून सजा देता हैहम देखते है और जानते हुए भी विरोध नहीं कर पाते हैकानून भी बताते है की विकता हैजहाँ देश का भगवान् बिकता होगा, जाहिर सी बात है कि वहां क्या-क्या बिकता होगाजहाँ का कानून नहीं देखता होगा तो जरूर ईस्वर कि भी नजर नही कम कर रही होगीइस देश का भगवान = कानून मन जाता है

अब आप भी तो अपने चारो तरफ देखें और समझें कि क्या हो रहा है? क्या बिक रहा है?

जब भी सच को हाथ में लेकर देखेंगे तो आप भी समाज के विरोधी हो जायेंगेलोग आप के खिलाफ खाने होगे और लाभ लेने वाले आप को भगवान का सच दिखने के लिए कानून से खेल रहे होंगेंआप कि स्थित क्या होगी, आप ही जानेंगे और आपको जानने वाले भी आप का साथ छोड़ कर चले जायेंगेआप खुद ही देख लेंगे कि भगवान अँधा हैउसकी आँखे भी वही लोग है जो उसकी आँखों में पट्टी बांधने का कम कर रहे है.

6 comments:

  1. but this will lead to anarchy so concept of god is invented to make us positive

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  2. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

    यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

    शुभकामनाएं !


    "टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

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  3. आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
    आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
    इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
    उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
    आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
    और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ "टेक टब" (Tek Tub) पर.
    यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


    वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

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  4. इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  5. भगवान नही आप अन्धे हो,---अन्तर के पट खोल रे तोहे पिया मिलेंगे... उठो जागो ने सही लिखा है --but this will lead to anarchy so concept of god is invented to make us positive. कानून तो होता ही अन्धा है तकि वह किसी भी पक्ष को न देख सके--निष्पक्ष रहे--कानून नहीं --वहां बैठा मानव --जज, वकील, पुलिस अन्धा होजाता है स्वार्थ बस, गलत कार्य करता है। तू ही कानून, तू ही अपराधी, तू ही न्याय मांगने वाला--रे नर! भगवान को दोष क्यों?????

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